My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2674 | Date: 06-Aug-2003
Text Size
क्यों चलते चलते कदम, रुक जाते है तेरी और।
क्यों चलते चलते कदम, रुक जाते है तेरी और।
क्यों याद करते करते भटक जाता हूँ माँ कही और।
क्यों प्रार्थना के मध्य में सताने लगती है जीवन की चिंता।
क्यों सर्वस्व सौंपने के बाद, बाते करता हूँ बचपन की।
क्यों भुला नही पाता हूँ, खुद को माँ तेरे ध्यान में।
क्यों अब तक अधूरा हूँ माँ, पूर्ण सद्गुरू के साथ रहके।
क्यों रोनां रोता हूँ, अपनी फरियादों को अधूरा देखके।
ये कैसा खेल है, जो हर दम पे दम निकाले जिंदगी का।
बंदगी करते करते कर जाना चाहा तेरा चाहा न तुझसे दूर होके।
क्यों मजा आता नही है, माँ तेरी रजा को पूरा करने में।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मचल रहा है मेरा दिल मैया देख देखके तुझे।
Next
मेरे सनम मान या न मान, लिया है जन्म हमने तेरे लिये।
*
*