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Hymn No. 2678 | Date: 14-Aug-2003
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कहने वाले कहते है, टोकने वाले टोकते है, प्रभु हम तो तेरे प्यार मैं मशगूल रहते है।
कहने वाले कहते है, टोकने वाले टोकते है, प्रभु हम तो तेरे प्यार मैं मशगूल रहते है।
सुनके अनसुना होता है, देखके अनदेखा होता है, प्रभु हम जब तेरे प्यार मैं खोये रहते है।
कहा सुनी होती है, ताने की परवाह न करते है, प्रभु तेरे संग रहके तुझसे सवाल करते है।
क्या होगा क्या न होगा जिंदगी मैं, भुलावा कहो या छलावा प्रभु तेरे सिवाय कुछ ओर न सोचते है।
मन मनमानी करे या इंद्रियाँ लिप्त हो कही, प्रभु हम तुझसे ही फरियाद करते है।
दुःख हो या सुख, अब और तब क्या होगा, प्रभु तुझमें ही सारे जवाब ढुंढते है हम।
लोगों की नजरों ने नकारा, किसी से न मिला सहारा, प्रभु चुपके चुपके तुझसे ही दिल को दिलासा मिलती है।
न आता है खाना खाने में मजा, सिनेमा भी देता है सजा, प्रभु तेरे बिना जिंदगी के रंगीन दौर भी लगते है फीके।
सोचके पर्वत सा लगता है, तुझसे दूर रहने पे जिंदगी रसहीन लगती है अब तुझमे ही सिमट जाये जिंदगी।
गुजारिश है श्वासों का होना या न होना, प्रभु पल भर को तू हमको अपने से जुदा न होने देना।


- डॉ.संतोष सिंह