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Hymn No. 265 | Date: 09-Aug-1998
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बदलने को बदलता है जीवन हमारा हर पल,
बदलने को बदलता है जीवन हमारा हर पल,
तेरी शरण में रहे तो सुधर जाये जनम हमारा।
हमें चाहियें कृपा तेरी इस तन – मन पे,
जहाँ छुप के बैठा है तेरा प्रतिरूप, लिया जनम कई - कई बार।
मनन तो अब तेरे नाम का करना है बार - बार;
प्रभु तू तो एक ही है, अपना मन-मंदिर है ।
यहाँ – वहाँ भटक कें क्या फायदा;
गोता लगाना है अपने भीतर जहाँ तू सदियों से बैठा है ।
बहुत वक्त गुजारा गफलत में, मन के भावों से मुक्त ।
तेरे श्री चरणों का हर पल ध्यान करना है ।


- डॉ.संतोष सिंह