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Hymn No. 2693 | Date: 11-Sep-2003
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चैन नहीं, चैन नही, चैन नहीं दिल मैं, न ही मेरे मन मैं।
चैन नहीं, चैन नही, चैन नहीं दिल मैं, न ही मेरे मन मैं।
हर घड़ी करुँ इंतजार तेरा, खबरों को सुनने का, चैन नही...
लाख समझाऊँ चाहा हुआ फिर भी न कर पाऊँ, चैन नही...
पल-पल गुजरता चला जाये, हर पल प्यार बढ़ती जाये, चैन नही...
हार को जीत मैं बदलना चाहूं, प्यार से तुझको जीत लेना चाहूँ, चैन नही...
सिमट गयी है मेरी दुनिया, तुझसे शुरू होके तुझमे, चैन नही...
राह जानी हुयी है, चलते चलते क्यो हिम्मत हार रहा हूँ, चैन नही...
बदलने को बदल जाना चाहता हूँ, तेरे प्यार मैं सब भुला देना चाहता हूँ चैन...
बरसों बाद मिलने पे, क्यों जलाये अंतर की आग, चैन ...
जोम कुछ ऐसा पैदा करना चाहूँ, होम हो जाये जिंदगी, चैन...


- डॉ.संतोष सिंह