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Hymn No. 2719 | Date: 15-Oct-2003
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रंगहीन है ये जिंदगी रंग, कभी चढ़े तो कभी उतरे।
रंगहीन है ये जिंदगी रंग, कभी चढ़े तो कभी उतरे।
हरफन मौला है इसका पैमाना, कभी हंसाये तो कभी रुलाये।
छोड़े न ये किसीको, अपना या पराया सबसे एकसा निभाये।
बच न सका कोई इससे, प्यार करने वालों की कसर ज्यादा निकाले।
खासमखास कोई नहीं इसका, बिना अंजाम के कोई पाये नहीं।
मुश्किल है कहना बिना इसके, पाने से पहले दो चार होना पड़े सबको।
माया कहो या दो नाम कोई और, प्यार को मिलता नही अंजाम बिन इसके।
करे कब कौन सा वार, बचके रहना है मुश्किल जमाने को।
सारे सवालों का है एक ही जवाब, बस लेते रहो प्रभु का नाम।
चले ना जोर मतवालो पे, वो मशगूल रहे हर हाल मैं प्रभु में।


- डॉ.संतोष सिंह