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Hymn No. 268 | Date: 10-Aug-1998
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प्रयत्न करते रहना है मुझे, शरण में रहके उसके;
प्रयत्न करते रहना है मुझे, शरण में रहके उसके;
भुलाते – भुलाते उसकी यादें दिल में संजो लेनी है ।
ले सकूँ दिन-भर में जितनी बार नाम उसका ले लेना है;
कोई भी कार्य करते हुए, करना है उसका ध्यान।
चूक होती है तो परवाह ना कर, पर भूल तू ना उसे;
याद करने के लिये कीसी बहानें की जरूरत ना है ।
शुक्रिया अदा कर जीवन के हर पलों के लिये;
छोड दे अपने आपको तू उसके सहारे।
लडखडायेगा पर सीधा बढ़ता चला जायेगा तू ओर उसकी;
मन भटकना इधर – उधर, पर तू ना भटक ।
जिसने शरण लिया उसका, उसने ना कभी साथ छोड़ा;
छोड़ा हैं साथ उसका सबने, पर उसने कृपा सदा बरसायी ।


- डॉ.संतोष सिंह