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Hymn No. 2754 | Date: 27-Dec-2003
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प्यार दे, प्यार दे, प्रभू तू मुझे भरपूर प्यार दे...
प्यार दे, प्यार दे, प्रभू तू मुझे भरपूर प्यार दे...
मैं प्यार करना चाहूँ तुझे, दिन हो या रात बीते प्यार मैं, प्यार दे...
प्यार के सिवाय न करना चाहूँ कोई ओर बात, प्यार दे...
अपने परायों की न हो कोई बात, मन मैं प्यार के सिवाय् न हो कुछ और, प्यार दे...
पक्षी हो या जानवर खत्म हो भेद निगाहों का, प्यार दे...
जन्नत मैं जान पड़े या दोजख मैं, तन्मय् होके गुजरुँ प्यार मैं, प्यार...
बात हो दुश्मन या दोस्तों की, मैं तो चूर रहूँ प्यार मैं, प्यार...
मेरी दास्ताँ का हर लम्हा भरा हो प्यार से, विदा लेते वख्त चूर रहूँ प्यार मैं, प्यार...
प्यार के सिवाय चाह न हो कुछ की, प्यार मैं बस प्यार का जोर चले, प्यार...
प्यार ही मेरी बंदगी, प्यार की मेरी जिंदगी, वख्त हो कैसा भी प्यार हो हर हमेशा, प्यार दे...


- डॉ.संतोष सिंह