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Hymn No. 2810 | Date: 06-Jul-2004
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दूर रहके पल पल दिल को तड़पाये क्यों,
दूर रहके पल पल दिल को तड़पाये क्यों,
धीरे धीरे हर पल विरह की आग में जलाये क्यों।


- डॉ.संतोष सिंह