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Hymn No. 2817 | Date: 23-Jul-2004
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बिखर जायेगे या सम्हल जायेगे, प्रभु देखते देखते तुझमें हम बदल जायेगे।
बिखर जायेगे या सम्हल जायेगे, प्रभु देखते देखते तुझमें हम बदल जायेगे।
एक दिन चले थे तेरे दर से, भटक जायेगे या पहुँच जायेगे, देखते देखते तेरे हम हो जायेगे।


- डॉ.संतोष सिंह