Hymn No. 2827 | Date: 19-Aug-2004
मैं तेरा, मैं तेरा, तेरे सिवाय मैं न किसीका।
मैं तेरा, मैं तेरा, तेरे सिवाय मैं न किसीका। मरके भी मैं तेरा, जी के भी मैं तेरा, मैं तेरा, मैं तेरा। मरने से पहले मैं तेरा, मरने के बाद मैं तेरा। अंजाम जो हो मेरे जिंदगी का, मैं तेरा, मैं तेरा। छुटे न अब बंदगी, चाहे छूटे श्वास मेरी, मैं तेरा, मैं तेरा। दिल को देख या मन को देख, नाम है बस तेरा, मैं तेरा। लेना देना चाहे जो भी हो मेरे कर्मों का, मैं तेरा, मैं तेरा। कोई भी न शक है, न शुबा, मैं तेरा, मैं तेरा। आने वाले जिंदगी के हर पल का नाम है, मैं तेरा, मैं तेरा। मेरे भूत भविष्य वर्तमान का नाम है, मैं तेरा, मैं तेरा।
- डॉ.संतोष सिंह
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