VIEW HYMN

Hymn No. 2829 | Date: 19-Aug-2004
Text Size
प्यार का बाना बूना था तेरे लिये, अफसाना बनके रह गये।
प्यार का बाना बूना था तेरे लिये, अफसाना बनके रह गये।
आये थे तेरे पास अपना बनाने के लिये, बेगाने बनके रह गये।
तारीख पे तारीख बदलती गई, तेरे अनुरूप खुद को न बदल सके।
रोते है हूम हूम करके तनहाइयों में, फिर भी चैन न आये दिल को।
न जाने कैसी तकदीर पायी है, जो तेरे पास रहके दूर है हम।
हसरतें एक तरफ, दूजी ओर तू, चाहके भी पा न सके तुझे।
बदलावों से भरी जिंदगी मैं, बदल न सका खुद को तेरे लिये।
दिल हाय तौबा बहुत मचाया, फिर तेरे पास पहुँचके क्यों रुक जाऊँ।
पूर्ण विराम देना चाहता हूँ, अंतर मैं तुझको सदा के वास्ते बसाके।
समय को लगाम देना चाहता हूँ, मौत ओर जिंदगी पे विराम लगाके।


- डॉ.संतोष सिंह