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Hymn No. 2880 | Date: 04-Nov-2004
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मजा आ रहा है, मजा आ रहा है, प्रभु जिंदगी तेरे अंदाज में जीने का मजा आ रहा है।
मजा आ रहा है, मजा आ रहा है, प्रभु जिंदगी तेरे अंदाज में जीने का मजा आ रहा है।
करना हो या न करना, बैठे बैठे सारे वख्त शब्दों को गीतों मैं हो पिरोना मजा आ
घायल होता हूँ जो वख्त युँ ही आया करता हूँ, और जब खुद को टटोला तो मजा...
कोई नई कोई पुरानी सब की राहें है अनजानी, जो तुझसे जुड़ता चला तो मजा...
धोखे से भरी दुनिया में प्रेम के सिवाय कुछ न है, जो डूब एक बार इसमें तो मजा...
कैसे जीता था तेरे बिना बिलकुल रीता था, प्रभु जबसे मिला तुझसे तो मजा...
लत लगती जा रही है, जो कल थे लुभाते वो आज न सुहाये प्रभु मजा...
होश मैं किसे रहना है जो होश में उठाये पल पल जिंदगी हमको तो बजा तुझे पाना है
सलाम सलाम अपने हो या पराये, दोस्त हो या दुश्मन सलाम सबको मजा...
जिंदगी की राह न है इतनी सीधी सादी, चारों ओर है किस्मत और कर्मों की खाई मजा।
मौन की दुनिया में तेरी मेरी पहचान थी पुरानी, अब तो आवाज की दुनिया में हो गया यारा न मजा...
सजा और मजा का भेद मिटता चला जा रहा है, जैसे जैसे करीब तेरे पहुँचता जा रहा हूँ मजा...


- डॉ.संतोष सिंह