VIEW HYMN

Hymn No. 2890 | Date: 16-Nov-2004
Text Size
हम जो हर पल राह देखे तुम्हारी, तुम कहाँ हो कहाँ हो.....
हम जो हर पल राह देखे तुम्हारी, तुम कहाँ हो कहाँ हो.....
जहाँ भी जाऊँ नजरे दौड़ाऊं यहाँ वहाँ, मुलाकात हो जाये पल भरके वास्ते...
एक हलचल सी होवे दिल में, जो तेरी यादों मैं खिंच ले जाये।
हर एक में कुछ ऐसा वैसा पाऊँ, जो तेरी याद दिलाये।
कटते वख्त काटे न कटे, दिल हर पल बस तेरी ही राह देखे।


- डॉ.संतोष सिंह