My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2897 | Date: 23-Nov-2004
Text Size
रह नहीं पाता हूँ जब जब याद तेरी आती है,
रह नहीं पाता हूँ जब जब याद तेरी आती है,
भुली बिसरी यादों से तिर उठता हूँ, खुदको भुल जाता हूँ।
क्या कहूं अपने आपको, जो हल देखूं ख्वाब सुनहरे,
हकीकतो के धरातल पे रहते, जो सीखना न चाहूं जिंदगी से।
मायूसी से भरे दौर में, जहमत न उठाऊँ कुछ करने की,
अहमक हूँ ऐसा नाउम्मीद होके भी उम्मीद का साया नहीं छोड़ता।
यह कैसी फितरत पायी है, न जाने किन वजहों से,
सब कुछ लुटते हुये देखके, शर्म नहीं आती अपनेआप पे।
ख्वाबों ख्यालों से छुड़ाये ना छूटे पीछा, जिंदगी जो बन गयी है ख्वाब।
तरसता हूँ अपने प्यार को, जिसे दे न सका अब तक अंजाम।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
कुछ ना है मेरे पास, जो दे सकूं मैं तुझे आज,
Next
धंसता कैसी है जिंदगी को, जानके अनजान हूँ सब कुछ जिंदगी से।
*
*