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Hymn No. 2902 | Date: 06-Dec-2004
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उपहार मिला तुमको न जाने कितना कुछ,
उपहार मिला तुमको न जाने कितना कुछ,
उसके वास्ते गुजर जाते है न जाने कितने जन्म।
लोगों के बीच रहते हुये तुम लोगो से जुदा हो,


- डॉ.संतोष सिंह