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Hymn No. 2913 | Date: 28-Dec-2004
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प्रभु तुझसे पार नही कोई संसार मैं, सबका तू ही सहारा।
प्रभु तुझसे पार नही कोई संसार मैं, सबका तू ही सहारा।
अनाथों का नाथ, निर्बलों का हाथ, तेरे सिवाय कोई न किसीका।
हर दिल की धड़कन, हर मन का मीत, तेरी कृपा से गुजरे जिंदगी सबकी।
पाप ओर पुण्य के फेरे में करे कर्म लोग, पार पाये तो बस तेरी कृपा से।
संसार में हो या आना जाना, मुसीबतों से हो मरना, या दुःखो का पहाड़ लेके हो जीना।
कोई न है यहाँ अपना, तेरे ही टाले टले दुःखो का सैलाब हमारे ऊपर से।
कूव्वत नही किसी में इतनी, जो हर ले एक साथ दुःख हजारों का।
नर्क में हो जाना, या स्वर्ग को हो पाना, तू न मिले तो मतलब नहीं उस जिंदगी का।
पुकार रहा है दुख से कातर हो तेरे बच्चें, ओ करूणा वाले तेरी करुंणा बरसा दे हमपे।
कोई न ठौर ढिकाना हमारा सदियों से, आज यहाँ तो कल कहां जाने न हम।
अनिश्चित इस जीवन में सुनिश्चित कर दे तेरा प्यार तो पार पा जाऊंगा हर दौर से।


- डॉ.संतोष सिंह