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Hymn No. 2914 | Date: 28-Dec-2004
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तेरे चरण कमलों की छाप है दिल मैं मेरे, नजरों मैं है तस्वीर तेरी।
तेरे चरण कमलों की छाप है दिल मैं मेरे, नजरों मैं है तस्वीर तेरी।
ख्यालों के हर छोर पे है तू, तेरे ख्वाबों के बिन बीते न कोई शाम।
सदियों से है मेरा राम तू, नटखट कन्हैया आयी तेरी सूरत मेरे सामने।
मेरा न रिश्ता नाता तेरे सिवाय किसीसे, तेरे कारण से जो हूँ दुनिया में।
दौर हो जिंदगी में चाहे कोई मेरे वास्ते, तेरे सिवाय् न कोई जहां में मेरा।
मिटाये न मिटेगी तेरी छाप, चाहे दुनिया बदले कितनी भी मेरे वास्ते।
किस्मत चले कोई भी चाल, बदल न सकता तेरे सिवाय कोई भी मेरे अंजाम को।


- डॉ.संतोष सिंह