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Hymn No. 2933 | Date: 23-Feb-2005
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होना न है, होना न है, न होने से निकलके अब सब अच्छा होना है।
होना न है, होना न है, न होने से निकलके अब सब अच्छा होना है।
रोना न था कभी जिंदगी मैं, उससे परे प्रभु को दिलों में अब पल पल संजोना है।
छीजती जाये जिंदगी पलों मैं, छीन जाऊँ वख्त के हाथों उससे पहले तेरा हो जाना है।
बातें मन की न, करके, दिल की बातों को रोम रोम से गाना है।
हरफन मौला है मेरे दिल का अजीज उसके रंग मैं रंग जाना है।
क्या कुछ न दे दिया यों ही, उसके पीछे पीछे लुट जाना है।
कहने और करने से परे, गूपचूप हर धड़कन को उसके नाम मैं पिरोना है।
प्यार की कलियों को उसके साये मैं रहके गुपचुप खिलाना है।
लोगो की नजरों मैं क्या लगे, उससे परे उसको अपने दिल में बसाना है।
मौत भी न तोड़ पाये इस प्रेम भरे रिश्ते को ऐसा हो जाना है।


- डॉ.संतोष सिंह