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Hymn No. 290 | Date: 19-Aug-1998
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इक् बार नहीं कई बार भटकेंगे राह, छोटी-बड़ी चूक करेंगे हजार ।
इक् बार नहीं कई बार भटकेंगे राह, छोटी-बड़ी चूक करेंगे हजार ।
जब तेरे दर की ओर चले है तो पहुँचेंगे जरूर, तेरी कृपा से ।
इस राह के हर डग पे लगे तेरा नाम, पल – पल करेंगे तूझे प्रणाम,
हर मुश्किलों से बेपरवाह होके डूबे रहेगे तुझमें ।
जब तेरी शरण में है हम, तो अपने आप बेफिकर हो जाते है हम,
फिकर होती है तो तेरा नाम लेनें की, यूँ ही तुझमें खो पाने की ।
जानतें है हम अभी भी बहुत कुछ नहीं, इस डगर की मुश्किलों के बारे में,
हम तो बेसुधी में खोके तेरी, पार कर जायेगे इस डगर को ।
जीवन के हर पल में चलना है तेरी ओर, मौत तो इक् पड़ाव है,
कीतने जीवन आयेंगे जायेगे, हम तो चलते रहेगे बस तेरी ओर ।


- डॉ.संतोष सिंह