VIEW HYMN

Hymn No. 2940 | Date: 17-Mar-2005
Text Size
हम आये थे इस जहाँ मैं तो तेरे वास्ते,
हम आये थे इस जहाँ मैं तो तेरे वास्ते,
न जाने कब कैसे भटक गया तेरे साथ रहते।

जो सोचा न था वो होता गया,

पर दिन रात की चाहतो से अंजाम न मिला।
आँसुओं का न कोई मतलब है, जो यार से दूर हूँ मैं,
विरह की वेदना जो उठे तो दिल को टीस दे जाये।

बंद आंखों के पीछे तेरी तस्वीर नजर आये,

खुलते ही न जाने कहाँ जो तू गायब हो जाये।
मिन्नतों फरियादों का कोई मतलब नहीं तेरी दुनिया में
प्यार के सिवाय न कोई रिश्ता नही तेरे आगे।

बहुत चाहा जो चाहत को दे दे तू अंजाम,

पर तेरे बनाये पैमाने पे टिक न पाया पल भर।
दोष न है कही से तेरा, दोष तो हमारे जन्मों का है कारण
मर मरके जो मर गया होता एक बार प्रियतम् तेरे वास्ते

तो आज कोई शिकवा न होता दिल में न चलती मर्जी मन की।

मोहब्बत में मोहब्बत हिलोर लेती जहाँ में जहां हैं हम आज।


- डॉ.संतोष सिंह