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Hymn No. 2953 | Date: 04-Apr-2005
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बानगी है तेरे प्यार की, सुनाने को सुनाऊँ पर अहसास कैसे तुझको दिलाऊँ।
बानगी है तेरे प्यार की, सुनाने को सुनाऊँ पर अहसास कैसे तुझको दिलाऊँ।
हिलोरे लेता है जब जब ये दिल मैं तब तब तड़पूँ जैसें जल बिन मीन।
भटकता हूँ इधर उधर दिल को चैन न आये संसार मैं मेरी गति है जैसे बेचैन बसंत की बयार।


- डॉ.संतोष सिंह