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Hymn No. 2954 | Date: 08-Apr-2005
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तुम तुम हो प्रभु जी तुम तुम हो, कैसे बने कोई ओर तेरे जैसा।
तुम तुम हो प्रभु जी तुम तुम हो, कैसे बने कोई ओर तेरे जैसा।
चाहके लगाया दिल दुनिया में, तेरी यादों के आते पलक झपकते भागा ओर तेरी।
क्यों तू तुला है कर्मों के नाम पे बलि चढ़ाने, कब करेगा दिल की ख्वाहिश पूरी।
माना लायक न था तेरे, पर जब पास बुलाया तो अब क्यों भेजे दूर मोंहे।
मत समझा न ही कुछ बता, चस्पाया नाम जो तूने अपने नजरों में तो अब क्यों दूर भेजे।
रहबर आया तेरे पास तेरी कृपा से, हो जाऊँगा तेरा तेरी, ही दया से।
मत देख मेरी फितरत, चाहत है जो अलग, जो हो जाऊँ सदा के वास्ते तेरा।
दिलवर अब इस दिल पे न चढ़ सकेगा रंग दूजा, जो रंग चुका हो रंग मैं तेरे।
जन्म ओर मौत का डर किसे है, पर अंतराल के पल बगैर गुजारे गुजरेंगे।
हमने तो बस इतना जाना, तेरे सिवाय कोई न है मेरा इस जमाने में।


- डॉ.संतोष सिंह