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Hymn No. 2956 | Date: 15-Apr-2005
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जब हम न होंगे, तब भी तुम्हारा साथ होगा।
जब हम न होंगे, तब भी तुम्हारा साथ होगा।
कहने को तो आंखे बंद होगी, फिर भी तुम्हारी तस्वीर होगी।
खामोश जुबा होगी, पर गुनगुनाते तेरे गीत होंगे।
बंद मुट्ठी होगी, पर तू मेरी तकदीर होगा।
दुनिया से परे जो तू मेर हमसफर होगा।
मिट्टी मैं मिलके भी, अनंत का जो छोर होगा।
कहने को तो नही हूंगा, पर पल पल जो तेरा साथ होगा।
कोई भी अलग नहीं कर सकता, जो मैं तेरा हकदार हूंगा।
मैं क्या सारा जहां सराबोर होगा, जो मैं तेरे प्यार मैं आनंद विभोर हूंगा।
इस अमर गीत को गायेगा हर दिल, जिसे प्रेम ये संतोष होगा।


- डॉ.संतोष सिंह