Hymn No. 2957 | Date: 19-Apr-2005
दिल मेरा है सिर्फ तेरा, सिर्फ तेरा, कोई शक नही, न कोई शुबा, तो कहाँ से उठे कोई सवाल।
दिल मेरा है सिर्फ तेरा, सिर्फ तेरा, कोई शक नही, न कोई शुबा, तो कहाँ से उठे कोई सवाल।
स्वप्न हो या हकीकत, या फिर जिंदगी का कोई मिजाज, तेरे सिवाय है न कोई अंदाजा
बंद आँखो से कई पाते होंगे तुझे पास, पर हम तो खुली आंखो से टकटकी लगाये देखते है तुझे।
यथार्थ की दुनिया में ख्वाब है जिंदगी इसमें सच्चाई इतनी है जब तक हैं साथ तेरे।
लाख हिचकोलें खाया छोडूंगा न दामन तेरा, एक बार को लड़ना पड़ता लड़ जाऊंगा काल से।
मेरे जैसा कौन है धनी किस्मत का, लाख कोई कमाये हमने तो लुटाके है उतना बचाया।
सधके चला हूँ आज मैं तेरे वास्ते, डगमगाये कर्म ओर किस्मत पग पग बढ़ने से ओर तेरी।
मैं रहा ना हूँ अपने आप मैं, मेरां रोम रोम पुकारे पल पल जो तुझे इस बार तो ले ले बाहों में।
मेरा मन भी गया है रम, करबध्द हो चरणों मैं करे विनती बना ले तू दास,
दिल की दरियादिली तो देखो, बिना पंख के मडराये चारों ओर तेरे तेरी ही परिक्रमा में सुकून पाये।
- डॉ.संतोष सिंह
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