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Hymn No. 2958 | Date: 24-Apr-2005
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हम तो सलाम करेगे, चाहे जो भी हो तुझे याद करेगे।
हम तो सलाम करेगे, चाहे जो भी हो तुझे याद करेगे।
हम होते है कौन, जो रोके राह तेरी, कुछ तुझसे दिल की बात कहें।
तेरी महफिल जारी रहेगी, मदहोशी तारी रहेगी, अपनों की जो बात होगी।
बिछुड़के न बिछुड़ेगे किसीके संग, हम तो ख्यालो मैं यों ही तुझसे मुलाकात करेंगे।
चोरी छिपे, भूले भटके न जाने किस बात पे, किसी भी पल तुझको याद करेगे।
हक नही न ही हकदार हूँ, जाते तेरी बारात को देख देखके नांचूगा मैं खूब।
आहट भी न होने दूंगा, न ही अब कभी तेरे दर पे दस्तक दूंगा।
चुपचाप जिंदगी को उदासी से भरे हुये खुशियों को ठहाकों में जीऊंगा।
मतलबी हूँ मतलब निकल गया तो क्यों तेरे पास आऊँगा, यूं ही गाऊंगा।
कसम से खुदा न झाँक पायेगा अब तू दिल मैं, जो जिंदा हूँ बिना दिल के आज मैं।


- डॉ.संतोष सिंह