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Hymn No. 292 | Date: 20-Aug-1998
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असमर्थता में से जन्म होगा, समर्थता का तेरी कृपा से ।
असमर्थता में से जन्म होगा, समर्थता का तेरी कृपा से ।
अविश्वास में से जन्म होगा, विश्वास का, तेरी दया से ।
घड़ी भर का साथ बदल जायेगा, जनम – जनम के संग में तेरी रजा से ।
तेरा नाम गुनगुनातें – गुनगुनातें बदल जायेगा, तेरे गीतों में, पल-पल तेरा अहसास होने के।
अंघश्रद्धा का अंधकार बदल जायेगा श्रद्धा के प्रकाश में, तेरे करीब आने पे ।
तेरे भावों में रहने से करम हमारे आँसू बनके बह जायेगे तेरे श्री चरणों में ।
हर बंधन टूट जायेगा, तुझसे नाता जुड जायेगा तुझमें परम् विश्वास है ।
मैं माया में रहके चल पडूँगा तेरी डगर पे, सहारा हो तेरे नाम की लाठी का ।
मुस्कुरा के हर इक् का स्वागत करूँगा जब सिर्फ बोध होगा तेरा ।
हर काल में एक सा रहूंगा, बदलेंगा तन मेरा, मन तेरा जुड़ा रहेगा, सदा तुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह