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Hymn No. 293 | Date: 20-Aug-1998
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बदल रहा है ये समय हर पल, हम बदल गये तेरी शरण में रहके,
बदल रहा है ये समय हर पल, हम बदल गये तेरी शरण में रहके,
धँसे थे दलदल में गले तक हम, उबरे है तेरे नाम की कृपा से।
माया का जाम बहुत पीया, अब पीना है तेरी निगाहो का जाम,
लुभाया है मन को बहुत कुछ ने, अब लुभाती है सिर्फ तेरी भक्ति ।
अपनी औरों की जयजयकार बहुत किया, अब जयजयकार है सिर्फ तेरा करना;
डर – डरके बहुत जी लिया, तेरे आगोश में रहके मौत को है गले लगाना ।
पाना और खोना सब यहीं रह जान है, हमकों तो बस तेरी मस्ती में है बह जाना,
बहुतों को गले लगाया कोई साथ न आया, अब बस तुझको है गले लगाना ।
जाना नहीं कीसी के दर पे, अब तो तेरे दर पे रह जान है चाहे लुटाना पड़े अपने आपको
पुराने है अब सब फसाने, तेरा तराना झूम – झूमके है गाना ।


- डॉ.संतोष सिंह