VIEW HYMN

Hymn No. 294 | Date: 21-Aug-1998
Text Size
जब दिल लगाया है तुझसे, तो क्यों परवाह करूँ मुश्किलों की,
जब दिल लगाया है तुझसे, तो क्यों परवाह करूँ मुश्किलों की,
मुश्किल होगी तन को, हम तो डूबे रहेगे तेरे नाम के आनंद में।
भोग चढा देगे अपने सारे क्षणिक सुखों का ऊफ ना करेंगे;
जो शाश्वत् आनंद है, उसमें डूबें रहेगे हर पल हो सबसे बेखबर ।
भोग से ही सुख - चैन को पाते है, मूल हेतु वहीं है दुखों का;
सौंप देंगे अपना सब कुछ, जो होगा उसे कबूल करेंगे ।
अज्ञान के ढेर हम है, तेरी सरल सी बात समझ न आती,
प्रिय हम तूझे गुहारा करेंगे, गुहारनें का भी भान न होने देंगे मन को ।
सताती है हमें हमारी इच्छाएँ जो पल – पल में है बदलती;
सौंप देना है इन सबको और खुद को तेरे श्री चरणों में ।
जो भी होगा देखा जायेगा तेरी मस्ती में दिन गुजारा जायेगा;
परवाह ना होगी हमको अपनी रुखा – सूखा जो मिलेगा उसमें मस्त रहेगे हम।


- डॉ.संतोष सिंह