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Hymn No. 2974 | Date: 17-May-2005
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तेरी धड़कन जो गूंजे दिल मैं, तो निकले शब्द गीतों मैं ढलके।
तेरी धड़कन जो गूंजे दिल मैं, तो निकले शब्द गीतों मैं ढलके।
उदास मन चहकने लग जाये, जैसे एक बार को तू फिर से मिल जाये।
टूटे ख्वाबों का सिलसिला शुरू हो जाये, खत्म हो जाये बेचैनी अंतर की।
तू जाने सब क्या क्या गुजरे हमपे, फिर भी खेल खेल नित्य नया नया।
मायने है तेरी हर बात का, गुजरते वख्त राज उठाये तेरे हर अंदाज का।
जब जब समझा सयाना खुद को, अगले ही पल साबित हुआ मूर्ख न कोई मुझसा।
जगाये तू किस हालात को पकड़के, न जाने किस बात पे देना जाये तू।
हसरतों को मिटाके पूरी करे हसरतो को लम्हा गुजरे एक एक तेरी कृपा से।
जो न है किस्मत में वो भी दे जाये, बिना बोले बदल दे किस्मत को तू।
झकझोर के रख दे चित्त को, अंत कर दे मेरा अंतहीन दिल में तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह