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Hymn No. 2996 | Date: 07-Aug-2005
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दिल क्या चीज है कहोगे तो मोहब्बत का नाम आयेगा।
दिल क्या चीज है कहोगे तो मोहब्बत का नाम आयेगा।
बार बार ख्यालों ख्वाबों से उतरके के नजरो के सामने पाओगे।
हटाये हटता नहीं है मन, जब सचमुच दिल में मोहब्बत से।
चूर होती है हर मान मर्यादा, तन की सीमा में बांधे बंधता नही।
वो तो जीता है मोहब्बत के वास्ते, मारे जो वो मरता नहीं।
दिन हो या रात, महल हो या श्मशान, रमता है वो मुहब्बत में।
सुन कुछ पाता नहीं, देखा कुछ जाता नहीं, यार से दूर होना जो आता नहीं।
समझाने पे समझ पाये नही, मोहब्बत को वो समझना चाहे नही।
मोहब्बत मोहब्बत, मोहब्बत का ले नाम, मोहब्बत के सिवाय कुछ न है भान।


- डॉ.संतोष सिंह