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Hymn No. 3017 | Date: 09-Dec-2005
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जो कहना है वो करना है, जीवन मैं तेरी ओर बढ़ना है।
जो कहना है वो करना है, जीवन मैं तेरी ओर बढ़ना है।
आने वाली घड़ियों मैं तुझमें रहते, तेरा कहा करना है।
दिल की धुनों पे थिरकना है, नित्य नये नये गीतों को गाना है।
अपने हो या पराये, जो है तेरे दीवाने, उनका मुरीद बनना है।
ताल ढोक के तेरा हुक्म बजाना है, पल भर को भी तुझसे दूर न होना है।
ऐसा वैसा कैसे कैसे का रोना न रोके, तेरा कहा करना है।
जो छूटा वो छूटा, जो है हाथों मैं उसका साथ निभाना है।
ख्वाब हो या ख्याल हर वादे को दिलों जान से निभाना है।
प्यार करते करते बेपनाह प्यार करते तेरा प्यार बनके खो जाना है।
मिटते हुये अस्तित्व को तेरा बनाके, हर हमेशा के वास्ते तेरा हो जाना है।


- डॉ.संतोष सिंह