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Hymn No. 336 | Date: 06-Sep-1998
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हो रहीं है हलचल, मन मचल रहा है कर – बार,
हो रहीं है हलचल, मन मचल रहा है कर – बार,
आवाज दे रहा है दिल तुझको, इतनी लंबी सजा तू ना दें हमें ।
प्यार भरी मुलाकात के लिये तरस रहा हूँ, अनुरोध मेरा तू मान ले,
बार – बार करता हूँ फरियाद मैं तूझे याद करनें के लिये।
झर – झर बह रही है आँखों से आसु मेरे, लायक ना थें हम तेरे वास्ते;
कूछ देर के लिये बैचेंन मन को राहत मिल जाती है, तेरा साथ मिलनें पे।
मर – मिटनें को हूँ तैयार मैं, तेरा साथ सदा के लिये मिलें;
बांट जोंह रहा हूँ कबसे तेरे बूलावे के इंतजार में ।
खो जान है मुझे इक् दिन तुझमें तेरा बनकें;
सजदा करता रहूं मैं सदा तेरी, मुश्किलें तो आती – जाती रहेगी।


- डॉ.संतोष सिंह