VIEW HYMN

Hymn No. 344 | Date: 10-Sep-1998
Text Size
कदम बड चलें है तेरी ओर प्रभु, कृपा करना तू इतना रूकनें ना देना।
कदम बड चलें है तेरी ओर प्रभु, कृपा करना तू इतना रूकनें ना देना।
नाम लेकें बडता चलूंगा, आयेगीं जो कठिनाई नाम लेकें तेरा पार करता जाऊँगा।
अंजाम की परवाह ना है, रूक के कूछ ना फायदा, जो कल करना है वो आज करेंगे।
डर – डर के जीने से अच्छा हें, तेरा नाम लेकें उस डर से लड जायेगा;
परिणाम जो भी हो डर तो मन से निकल जायेगा।
हम तो बड़ेंगे तेरी ओर प्रभु तेरा ही सहारा होगा, जो तूझे गंवारा होगा, वहीं हम करेंगे ।
प्रतिपल तेरा ध्यान रहेगा, चाहें राह में ठोकर लगें हजार, कोई भाव आने न दूंगा तेरे सिवाय।
आँखों में आँसू आयेंगे तो याद आनें पे ही, तन की हर पीडा सह जायेगे बस तेरा नाम लेंगे।
डिगा ना सकेगा कोई भी मुझे, हर दूर्गम राहीं को पार करता चला जाउँढगा, तेरे नाम लेतें हुये।
जलदी ना है, पर रूकना ना है मूझे, जब तक दम है बस बडते रहना है तेरी ओर।
रूक – रूक के चलकें चलने से अच्छा है हर पल चलतें रहना;
जब तुझसा मार्गदर्शक मिला है तो आलस्य में खोनें ना देंना।


- डॉ.संतोष सिंह