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Hymn No. 356 | Date: 15-Sep-1998
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सब कुछ हो जायेगा, अगर वो चाहेंगा,
सब कुछ हो जायेगा, अगर वो चाहेंगा,
दिल से दिल मिला लें, हर भेद मिट जायेगा ।
गीत उसका गायेंगा, हर पल तू उसे करीब पायेंगा,
जब तू उसे चाहेंगा, राह का हर रोठा मिट जायेगा।
हर सुख दूख से तू उबर जायेगा, उसके नाम के शरण में जायेगा,
भरण – पोषण वो करेंगा, निमित्त बनकें हर कर्म तू करेंगा।
विशाल है वो, एक साथ कीतनों को है तारता,
नहीं है कूछ चाहता, बस थोडा सा प्यार है मांगता।
लगता नहीं इसमें कूछ तेरा, बस थोड़ी सी हो श्रध्दा,
निर्मल, निश्चल, समर्पण के आगे झूकता है वो सदा।
तेरा ज्ञान, तेरा प्यार पाकें, उसका न कद बढ जायेगा।
हां तू जरूर उसकी कृपा का पात्र बन जायेगा ।
मैं को मिटाना तेरे बस की बात नहीं,
जब तू उसकी शरण में जायेगा, खुदको खुदही भूल जायेगा।
तब तू तू ना होके उसका हो जायेगा,
ढल जायेगा उसके गीत की कोई पंक्ति बनकें, जिसे हर कोई गायेंगा।


- डॉ.संतोष सिंह