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Hymn No. 358 | Date: 16-Sep-1998
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दिल का हर एक कोना भरा हो तेरी मधुर स्मृती से।
दिल का हर एक कोना भरा हो तेरी मधुर स्मृती से।
हर पल गोता लगाते रहे हम उस मधुर स्मृती में।
नजरों के आगे हो तेरे साथ बीतायें पलों की तसवीर।
गुंजे तेरे मिश्री से मीठे बोल हमारें अंतरमना में।
करना पड़े जीवन में जो भी व्यवहारीक कर्म निसंकोच कीये जाऊँ।
रात हो या दिन बस तेरा ख्याल हो,
मेरी हर सुबह की शुरूआत बस तेरे नाम से हो।
परिणाम की फिकर ना हो, चाहें कीतना भी हो कांठी से भरा यें डगर।
हमें तो संग चाहीयें तेरा, तेरे श्री चरणों मं मिलें या दिल में एक ही बात है ।
तेरी बात हो या तुझसे मुलाकात, हर पल अहसास रहे तेरा।
मेरे मन को रहे ध्यान तेरा गुलजार होगा मेरा हर पल ।
तेरा स्मरण अनवरत करता रहूँ में अपने में ।


- डॉ.संतोष सिंह