VIEW HYMN

Hymn No. 394 | Date: 04-Oct-1998
Text Size
सारी हद्दे को तोड़ देंगे एक पल मुलाकात के लिये।
सारी हद्दे को तोड़ देंगे एक पल मुलाकात के लिये।

सांस टुटती है तो टूट जाये, पर मूलाकात ना टूटें।

तेरे मेरे प्यार को देखकें रूठता है कोई तो रूठ जाये ।

तूझ तक पहुंचने कों देर हो जाये, तो तन अलग होके मन से दौडा चला आयें पास तेरे।

दिल की इक् –इक् तरंग झूमती है, तेरे नाम के संग।

अंग – अंग लिपटनें को हो जाता है बेकरार तुझसे ।

तेरे आगे हम हो जाना चाहते है अस्तित्वहीन।

हम तो तेरा दीदार करना चाहते है हर कन – कन में ।

लेनी है तूझे तो लें ले मेरी कोई भी परीक्षा ।

दिल की नांव मैं बैठकें तन – मन हो जायेगे पार इस मंझधार से ।

क्याँ मांगू मैं तुझसे बिन कहे तू देता रहता है इतना।

लूटातें – लूटातें मेरे होश गुम हो जाते है, जब देखता हूँ पड़ा है उतना का उतना।


- डॉ.संतोष सिंह