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Hymn No. 404 | Date: 07-Oct-1998
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कहतें हो तो कहं दो हर बात उससे, दिल में कहीं कोई बात रह न जाये ।
कहतें हो तो कहं दो हर बात उससे, दिल में कहीं कोई बात रह न जाये ।
जानता तो है तो सब कुछ, फिर भी सुनना चाहता है, तूमसे तूम्हारी कहानी।
सुननें का नाटक करतें हुये देगा आशीर्वाद तूम्हें खाली दिल को मर देगा उमंगो से।
सोयें हुये तो तूम हो कई - कई जनमों सें, होतें से जगा देगा तूम्हें।
अहसास करायेगा तूम्हें तुम्हारे होनें का होतें ही करेंगे हर खाश में शुक्रिया अदा उसकी।
पल – पल में बदलें वो जग, तूम्हारा समर्पण देखकें पल में बदल देगा तूम्हें ।
ढलना पड़ेगा उसके अनुसार, उसकें बतायें राह पे चलना पड़ेगा मुस्कुरा के।
प्यार बस प्यार करना पड़ेगा उसे, जीवन के हर पलें में गीत गाना पड़ेगा उसका।
लेना तो न जाना है उसनें, जीवन भर हम सबको कूछ ना कूछ देता रहता है वो।
मांग मत उससे कुछ भी, छोड दें सब कूछ उसपे, शरण ले लें उसके छत के नीचें।


- डॉ.संतोष सिंह