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Hymn No. 416 | Date: 11-Oct-1998
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मन मेरा में कहता है तुझसे सदा, बस जा तू हमारे दिल में ।
मन मेरा में कहता है तुझसे सदा, बस जा तू हमारे दिल में ।
दीवानें है हम तेरे परवाह ना है कीसी बात की, पगला जायेगे तेरे प्यार में।
चूमं लूं तेरे चरण को इक् बार हर रंज मिट जायेगा मन से मेरे ।
होश मे ना रहना चाहता हूँ अपने, बस तेरे सपनें देखना चाहता हूँ ।
मुझे परवाह ना है अपना, अपने लापरवाहीं में तेरे दर का चक्कर लगाना चाहता हूं।
पल भर के लिये राहत मिल जाती है, जो एक बार दीदार हो जाता है तेरा।
रोकूंगा ना अपने आपको चाहत मेरी बडती जा रहीं है तेरे प्रति।
कीमत तेरी चूंका ना सकता हूँ मैं, चुकाना पड़ा तो जान देकें भी चुकाऊंगा तो भी कम है ।
हर धुन फीकी है तेरे सामनें, मुझपे तो चढ गयी है तेरी धून ।
हर वो पल है खट्कता जिन पलों में हम दूर रहते है तुझसे ।
सौ बात की एक बात मुझपे चढ गया है तेरा नशा जो सर पे चढके है बोलता।


- डॉ.संतोष सिंह