My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 474 | Date: 12-Nov-1998
Text Size
मुझसे ना कोई छींन सकता है मेरे प्रभु को, दया है उसकी जो याद आता है वो हर पल।
मुझसे ना कोई छींन सकता है मेरे प्रभु को, दया है उसकी जो याद आता है वो हर पल।
गुनगुना होते है मन ही मन उसका नाम अपने दिनचर्या के दौरान हो जातें है अपने पे हैरान हम।
खांब ना दीखाता है वो, हकीकत में जीना सीखाता सदा, उसकी सदा पे फिदा हो जाता है हम।
बिगड़ी हुयीं बनाता है, रूठें हुये को मनायें, हेर फेर जाता है, शांत सरल रहके इस जग में।
कोई अंदाज ना लगा पाता, इतना अथाह गहरा है वो, जिसनें लीया शरण उसका उसे दिया सब कूछ
चमत्कार से करें परहेज वो, जिसनें लीया सहारा उसका हौलें हौलें जीवन बदल देता है उसका।
अपना प्रेम का भुखा है वो जिसने जो अर्पित किया उसे बिना कीसी हिचक के ग्रहण कर लेता है।
त्यागी उसस कोई नहीं दूजां, हमारें क्रूर कर्मों के फल को खूद भागता, अपने सुख को बांटता हम में।
उसे परवाह नहीं कीसीकी, राजा हो या रंक सब आकें दरबार में उसके सजदा करतें ।
प्यार तो वो सब की है करता, छोटा बडा हो या बडा कोई मायनें ना रखता उसकें लिये।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
सद्गुरू देव माया की तंद्रा छायी हुयीं हें हमपे, बड़ी गहरी कई - कई जनमों से ।
Next
होश में ना रहना हूँ चाहता, छाया रहे मुझपे आलम तेंरा । जो होना होगा देखा जायेगा, परवाह ना है मुणे कीसीकी । कीस बात की फिकर करूं मैं, जो हो रहा है तेरी मर्जी से ।
*
*