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Hymn No. 481 | Date: 17-Nov-1998
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रूला लें तू मुझें जितना रूलाना है, दोष लगा देना तू हमारें करमों पे।
रूला लें तू मुझें जितना रूलाना है, दोष लगा देना तू हमारें करमों पे।
तेरी कीसी बात पे, ना करूंगा मैं कभी नुक्ताचीनी, स्वीकार करूंगा सर झुका कें ।
आबाद हो चाहें बर्बाद हो, जश्न मनायेंगे हर पल तेरी कृपा समझकें ।
तेरी हर चाह मैं होगी रजा मेंरी दिल में तूझें बसाकें पूजा करेंगे।
खुश रहना तूने सीखाया, कभी रोना पड़ा तो हम उसकी परवाह ना करेंगे।
करवाना रोकना मेरा सब कूछ है अब तेरे हाथों में, जो होना होगा होके रहेगा।
बंधे हुये है म तुझसे न जाने कीतनें जनमों – जनम से, दूर हुये ना कभी हम तुझसे।
तेरी ही छाया है हम, जब चाहें जनमाया, या समेंट लिया अपने में ।
ना है मुझे तुझसे कूछ मांगना, तेरी जो मर्जी रहे हल जाये जीवन हमारा उसमें।
स्वीकार करनें की बात ना है, अस्वीकार का प्रश्न कहा, तू है ता है, हम होके भी ना है।


- डॉ.संतोष सिंह