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Hymn No. 529 | Date: 29-Dec-1998
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पिला दें मुझे तेरे प्यार का जाम इतना, होश गुम हो जाये मेरा तुझमें ।
पिला दें मुझे तेरे प्यार का जाम इतना, होश गुम हो जाये मेरा तुझमें ।
रात हो या दिन मुझे चैन न आयें, जब तक मदहोश होके डूब न जाये तेरे प्यार में ।
मुझे कीसी फिकर में ना फंसा तू, नहीं तो लोग कहेंगे तूझे संगदिल।
अब तो दिल के हर कोनें में है तू, लग जाने दें तेरे अंग से ।
धन्यभाग हो जाना चाहता हूँ, तेरे पहलु से लिपट के ।
न जाने की कीतनी प्रतीक्षा, तब जाकें आयीं है बारी मेरी ।
सॉरी – सॉरी रात नींद न आये मुझे, तेरी याद हर पल सतायें ।
जतायें बिना रह ना सकता हूँ तूझसें, आज बता देना चाहता हूँ प्यार कीतना करता हूँ तुझसे।
दगा दें जाये श्वास मेरी, होश खों देना चाहूँ चमकें तूझें।
सजा हर कबूल करूंगा, तेरे हाथों से चढूंगा सुली पे।


- डॉ.संतोष सिंह