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Hymn No. 541 | Date: 01-Jan-1999
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जो हो रहा है होनें दो, दिल प्रभु का नाम लें रहा है तो लेने दो ।
जो हो रहा है होनें दो, दिल प्रभु का नाम लें रहा है तो लेने दो ।
मत लाओs मन को बीच में, छोड देगा संग तूम्हारा दिल।
न घर के रहोगे ना घाट कें, जीवन भर हाथ मलतें रह जाओगें ।
निर्बंध गती से बह रहीं है जीवन की नैय्या तो बहनें दो ।
जब सौंपा है उसके हाथों में पतवार, तो कूछ ना है सोचना सिवाय उसकें ।
अच्छें के सिवाय कूछ ना होता है, बुरा तो मन का ख्याल है ।
जब दिल में है वो समाया, तब कहीं भी ना है मन लगनेंवाला ।
इक् बार जब जाग जाओगे, अपने भीतर उसको पाओगे।
राह में होगी हजार बाधायें, हर कीसी को बिन डरें पार कर जाओंगे ।
जहाँ – जहाँ जाओगें इस जहाँ में, वहाँ – वहाँ संग उसी का पाओगें ।


- डॉ.संतोष सिंह