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Hymn No. 542 | Date: 01-Jan-1999
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जमा दें मेरे दिल में तेरे प्यार की ज्योत, बूझ जाये जीवन मेंरा बुझनें ना पायें वो ।
जमा दें मेरे दिल में तेरे प्यार की ज्योत, बूझ जाये जीवन मेंरा बुझनें ना पायें वो ।
हमें ना हो हमारें होनें का ख्याल, पगलायें से रहे तेरे प्यार में इतने।
दूनियादारी तूने सीखाया, तेरे प्यार में बहकें जीना तू सीखा दें हमें ।
इस तन – मन को सौपनें के लिये तैयार हूँ, तूझ पाने के लिये कूछ भी करनें को तैयार हूँ ।
मेरे मालीक मेरी खता के लिये तू माफ करना, मैं गाफिल हो चला हूँ तेरे प्यार में ।
मुझे यार कीसी को न बनना, मुझे तूझे बस तुझसे है प्यार करना ।
बहकी – बहकी सी बातें करता हूँ, सूने कमरे में तेरे तस्वीर के आगे बडबडाता हूँ मैं।
मुझे कुछ ना है खबर क्याँ हूँ मैं करता, तेरे आगे झोली फैलाये खडा हूँ रहता ।
चाहें तू छीन लें सांसे मेंरी, पर मुझे तेरे प्यार में साराबोर कर दें ।
मुझें कोई आसार ना चाहीयें, मैं तो डूबना चाहता हूँ तेरे प्यार में ।


- डॉ.संतोष सिंह