VIEW HYMN

Hymn No. 551 | Date: 04-Jan-1999
Text Size
ना प्रभु ना, मुझे अभिमान है तो साथ होनें का तेरे, बाकी सबका तो है रोना।
ना प्रभु ना, मुझे अभिमान है तो साथ होनें का तेरे, बाकी सबका तो है रोना।
श्वास लेनें से ज्यादा जरूरी है कोई दिल की बातें सुननें वाला हो।
हर फिकर को भूलाकें कीसी की गोद में सर छुपाने के लिये जगह मिलें।
अभागें थें तब तक जब तक तुझमें हम मिलें ना थे ।
आज जो दिल से प्यार भरी बातें निकल रहीं है, उसकें कीस्से तुझसे हमनें सुने थे।
गर्व में डूबे हुये को अपनाता है तू, वैसे जैसे कीसी सम्राट का स्वागत करें गरीब।
पागल हो जाने का दिल करता है, तेरा प्यार भरा व्यवहार देखकें ।
तेरे चरणों के दास लायक ना है हम, फिर भी तू आनें देता है करीब अपने ।
मुरींद बन जाना चाहता हूँ तेरा, जल जाऊँ तूझपे बनकें परवाना।
मुझे ना कुछ पाना है तुझसे, ये मुरख कूछ कहना चाहता है तुझसे चड़े तेरे चरणों में बली मेरी।


- डॉ.संतोष सिंह