My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 552 | Date: 04-Jan-1999
Text Size
कई चीजों का अंत ना है, जनम दर जनम चिपकी रहती है हमशें ।
कई चीजों का अंत ना है, जनम दर जनम चिपकी रहती है हमशें ।
जनम् लेनें कों मजबुर करती है, तरह – तरह के जिस्में में ।
हमें अपने इच्छाओं पे काबू नहीं रहता, ख्याल आता रहता है हमेशा भले – बूरें का।
अपने सद्गुरू पे से विश्वास को छोडके मगन रहते है अपने करमों में ।
सजा जब मिलती है तो याद आती हौ उसके, शुरू करतें है गुहार लगानें की।
मुनहार बहुत उसकीं करते है, और तो और उसे लोभ भी देतें है।
दयालु पिता तू देखता है सब कुछ सदा, हँसता है हमारी नासमझी पे।
तेरे लाख – लाख समझानें पे, हम तुझको ना समझ पातें ।
खुद तो फंसते है तूझे भी मुश्किल में डाल देते है, फिर भी तू रखें ख्याल हमारा।
बार – बार तू है समझाता दिल की राहो पे चलकें कूर्बान होना तेरा साथ है पाना।
अविश्वास करनें के कई कारण हो सकते है, विश्वास करनें का एक सिर्फ श्रध्दा।
आप अपने माता – पिता भाई बहन पड़ाsसी या फिर समाज देश – ईश्वर में श्रध्दा रखतें है तो अपने कार्य में सदा कारगर होगे।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
ना प्रभु ना, मुझे अभिमान है तो साथ होनें का तेरे, बाकी सबका तो है रोना।
Next
सद्गुरू की बात हम क्या कर सकते है, उसके गुण गातें है परमेश्वर।
*
*