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Hymn No. 567 | Date: 08-Jan-1999
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अभी तो शुरूआत है प्यार की, जब तेरे सर पे छायेंगा प्यार का जुनून ।
अभी तो शुरूआत है प्यार की, जब तेरे सर पे छायेंगा प्यार का जुनून ।
तब देखना हाल तेरा क्या होगा, अपने आपको तू प्यार के महासागर से घिरा पायेंगा।
डूबना – उतरना तुझको कूछ नजर नहीं आयेंगा, तू तो प्यार में सब कूछ भूलता चला जायेगा।
पहुंचेगा जब तू उसकें पास, होगा मदहोश इतना अपने प्यार को प्यार में भूलता जायेगा।
निकलेंगी तेरी बारात लेकें प्यार का नाम, हर कोई प्यार से प्यार का नाम पुकारता चलेगा।
प्यार की आग जो दबी पड़ाr थी भीतर, प्यार का प्यार पाकें सुलगती चली जायेगी।
प्यार मिटता नहीं कभी, ना ही बदलता है, प्यार तो प्यार होता है।
मिटेंगा तू तो बनकें प्यार, तू झूमेंगा प्यार के महासागर में ।
प्यार में प्यार होगा प्यार के सिवाय कूछ ना होगा, चारों और प्यार भरा संगीत होगा।
प्यार भरी शांती होगी, प्यार प्यार प्यार, कमजोर है शब्द मेरे कर नहीं सकता बरवांन प्यार का।


- डॉ.संतोष सिंह