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Hymn No. 589 | Date: 12-Jan-1999
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कूछ खोनें पानें से अच्छा है प्रभु का गीत गाना ।
कूछ खोनें पानें से अच्छा है प्रभु का गीत गाना ।
मीत बनकें उसका, उससे प्यार करना और उसकें प्यार को पाना ।
जीवन में मीलेंगी हजारों अनमोल चीजें वो ना मिला तो कोई मोल नहीं जीवन का।
बहुत कुछ सहेजनें पर मर – मिट जाते है हम, जो प्रभु को है पातें परें हो जातें है सबसे।
बडता - चडता रहता है झुकाव हर पल बदलता है, जीवन का कोई ठौर – ठिकाना नहीं।
प्रभु के भक्तों पे असर ना पड़ता है कीसीका, वो तो रंगे होते है प्यार में प्रभु के।
रात और दिन को भुलाके, नशा करना होता है उसके प्यार का।
कठिन से कठिन काम पुरा होता है दृड होनें पे, पल दर पल आग्रह को हमारे स्वीकारता है प्रेम से।
बिना रूकें बढना पड़ता है उसकी और, वक्त पड़नें पे देना होता है कुर्बानी अपनी।
जीवन मिलें या ना मिलें प्यार कर लिया उससे तो डरना कीस बात से।


- डॉ.संतोष सिंह