VIEW HYMN

Hymn No. 603 | Date: 15-Jan-1999
Text Size
टकरा लें हमशें तू आज प्यार का जाम, साराबोर हो जायेगे हम प्यार के नशें मैं।
टकरा लें हमशें तू आज प्यार का जाम, साराबोर हो जायेगे हम प्यार के नशें मैं।
भूल जान तू तेरी खुदाई, माफ करना तू मेरी हरकतों को, मस्ती में साराबोर हो जायेगे।
आलम हमपे प्यार का जो छायेंगा, फिर कौन हमको तूमसे जुदा कर पायेंगा।
तन बिचारा धरा पे छटपटाता, नजर आयेंगा, हर कोई मुझको तेरे पहलों में ढुंडता नजर आयेंगा।
कहीं ना कोई पायेंगा, प्यार से जो प्यार को टकरायेगा, वहीं तो हमको ढुंड पायेगा।
निगाहो में जब सरूर छायेंगा प्यार का, हर खुमारी उतर जायेगी, हमको तू नजर आयेंगा।
सिरफिरा कहलाऊंगा मैं, मेरे मैं को समझने के लिये प्यार के मयखानें में जान होगा जरूर।
इतना बूरा ना है जो कुछ हम समझते है, हम हमारें हम से जो निकल गये तो समझ जायेगे खुदा को।
सदा के लिये त्यागना पड़ता है अपने आप को, प्यार के लिये हर शर्म हया से कहीं उपर।
हाथ मलतें रह जाओगें जो प्यार ना कर पायें तो सदा झुकतें नजर आओगे, खुदा को ना कहीं पाओगे।


- डॉ.संतोष सिंह