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Hymn No. 609 | Date: 16-Jan-1999
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हो लेगें हम खुश तुझमें दे या ना दें तू कुछ हमें ।
हो लेगें हम खुश तुझमें दे या ना दें तू कुछ हमें ।
हर अवस्था में ढुंडेंगे तूझे, तेरे बिना कूछ ना चाहीयें ।
कहाँ कुछ गंवाना, जो तू मिल गया तो संवर गया जीवन हमारा ।
अपना कब कहाँ कुछ था, माटी से अपना माटी में मिल गया ।
पुकारा है दिलनें तूझे, परवाह ना है उसे कीसीकी।
परिणाम जो होगा देखा जायेगा, कोई क्यॉं कर लेंगा मेरा ।
इक् बार जो बन गया तेरा, उखड़ी हुयीं सांसों से मुक्त हो जायेगे ।
तेरे चरणों में जो जगह पा गये, मेरी हर मुराद पूरी हो गयी ।
देना कुछ तू मुझे तो प्यार देंना तेरा, मुझसे मेरा मैं छीन लेना ।
साया बनकें जी लुंगा तेरा, ना चाहीयें मुझें ब्रह्माण्ड का अनंत सम्राज्य ।


- डॉ.संतोष सिंह