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Hymn No. 625 | Date: 19-Jan-1999
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जब रहेगा दिल में हर पल तू, कहाँ से शिकवा – शिकायत की बात होगी।
जब रहेगा दिल में हर पल तू, कहाँ से शिकवा – शिकायत की बात होगी।
हम रहेगे खोयें तुझमें हर पल, प्रीत का दीप बुझनें ना पायेंगा कीसी क्षण ।
अनोखा होगा हर दिन पुराना होके नया कुछ – कुछ लगेंगा मन को हमारें ।
हो ना हो हमारीं यादें जुड जायेगी तुझसे, हर खाँब में चेहरा तेरा नजर आयेगा।
खुली आँखों से देखेंगे हम तूझे, लोग हमको पागल समझ के मुस्कुरायेंगे ।
हर बात सुनकें – अनसुनी होती रहेगी, दिल में बोज तेरे गुँजतें रहेगे ।
सलामती का ख्याल ना होगा, जब हर पल ध्यान तेरा हागा।
बातें बनानीं मुझें ना आती है, क्याँ सुनाऊँ मैं तूझे, हम तो सुननें को आतें है तूझे ।
अचरज से यें कम ना है मेरे लिये, हर पल करीब होता जा रहा हूँ तेरे ।
भूखा हूँ कबसे तेरे प्यार का, हमदर्दी ना जाता कें प्यार कर लें तू मुझे ।


- डॉ.संतोष सिंह